एसओ के मुताबिक तीनों आरोपियों ने पीड़ित को तीनों प्राधिकरणों द्वारा इन गांवों का अधिग्रहण करने के लिए जारी किया गया फर्जी दस्तावेज भी दिखाया. बाद में पता चला कि इन गांव को किसी भी प्राधिकरण ने अधिसूचित नहीं किया है.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2mfd3D3

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